शत्रु सम्पत्ति के 3 हजार करोड़ रपए के शेयर बेचे जाएंगे

नई दिल्ली : सरकार ने शत्रु सम्पत्ति के तहत आने वाले तीन हजार करोड़ रुपये के साढ़े छह करोड़ से अधिक शेयरों को बेचने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इस बाबत फैसला लिया गया। विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शत्रु सम्पत्ति के तहत आने वाले छह करोड़ 50 लाख 75 हजार 877 शेयरों को बेचने का फैसला किया गया है।

ये शेयर 996 कंपनियों में 20 हजार 323 शेयरधारकों के हैं। इन शेयरों की कीमत 1968 के हिसाब से कम से कम तीन हजार करोड़ रुपये है। अभी ये शेयर शत्रु सम्पत्ति के संरक्षक गृह मंत्रालय के कब्जे में है। छह हवाई अड्डों के प्रबंधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी : मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ और तीन अन्य हवाई अड्डों का प्रबंधन सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत करने के प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी।

इनमें गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मेंगलुरू के हवाई अड्डे भी शामिल हैं।ड्रेजिंग कापरेरेशन में सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने का फैसला : मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम ड्रेजिंग कापरेरेशन आफ इंडिया लि. में अपनी पूरी हिस्सेदारी देश के चार बड़े बंदरगाहों द्वारा मिल कर बनायी गयी एक इकाई को बेचने का निर्णय किया है। बंदगाहों पर जहाजों की आवाजाही के रास्ते से गाद निकालने का काम करने वाली इस कंपनी में फिलहाल केंद्र सरकार 73.44 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इन बंदरगाहों में विशाखापत्तनम बंदरगाह न्यास, पारादीप बंदरगाह न्यास, जवाहरलाल नेहरू बंदगाह न्यास और कांडला बंदरगाह न्यास शामिल हैं।

बयान में कहा गया है कि इस विनिवेश से बंदरगाहों पर गाद निकालने के काम में समन्यवय बढेगा। इससे ये बंदरगाह किसी अन्य बंदरगाह की गाद निकालने का भी ठेका ले सकेंगे।आंध्र में केंद्रीय जनजाति विवि खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी : मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश में केंद्रीय जनजाति विविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रेली गांव में यह केंद्रीय विविद्यालय खोला जाएगा। विविद्यालय की स्थापना आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की 13वीं अनुसूची के तहत की जाएगी।