निजी सुरक्षा एजेंसी मालिकों ने जीएसटी में बदलाव की मांग पैदा हो सकती है बेरोजगारी की समस्या 

निजी सुरक्षा एजेंसी मालिकों ने जीएसटी में बदलाव की मांग  पैदा हो सकती है बेरोजगारी की समस्या 

निजी सुरक्षा एजेंसी मालिकों ने जीएसटी में बदलाव की मांग पैदा हो सकती है बेरोजगारी की समस्या 

 

नवी मुम्बई । निजी सुरक्षा एजेंसियों में काम करने वाले सुरक्षा गार्डों के वेतन से भी सरकार जीएसटी वसूल कर रही है जिसकी वजह से निजी सुरक्षा एजेंसी चलाने वाली कंपनी मालिकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है । निजी सुरक्षा एजेंसियों की सिक्युरिटी असोसियेशन आफ इंडिया ने आयोजित पत्रकार परिषद में केंद्र सरकार से जीएसटी में बदलाव करने की मांग की है ।

सिक्युरिटी एशोसिएशन आफ इंडिया के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह चौहान ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि इस समय निजी सुरक्षा एजेंसियों से जो जीएसटी वसूल की जा रही है वह कंपनी को मिलने वाले मूल बिल से वसूल की जा रही उन्होंने बताया कि कंपनी के मूल बिल की राशि से ही सुरक्षा गार्डों के वेतन की अदायगी की जाती है फिलहाल जिस तरह से जीएसटी वसूल किया जा रहा है उसे देखते हुए निजी सुरक्षा गार्ड के वेतन से भी 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल किया जा रहा है ।

एसोशिएशन के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह चौहान का कहनाआ है कि सरकार को कंपनी को मिलने वाले एजेंसी कमीशन से जीएसटी वसूल करना चाहिए न कि कंपनी को मिलने वाले मूल बिल से । चौहान ने पत्रकारों के साथ बातचीत में बताया कि यदि निजी सुरक्षा एजेंसियों से वसूल किये जा रहे जीएसटी में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले समय मे बेरोजगारी की समस्या पैदा हो सकती है  ।

एसोशिएशन के सीनियर वाइस चेयरमैन बी आर कुमार ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने इस बारे में राज्य के वित्त मंत्री से भी मुलाकात कर अपनी समस्यायों के बारे में अवगत करवा चुके है साथ ही अपनी मांगों का एक लिखित ज्ञापन भी दिया गया है । बी आर कुमार का कहना है कि निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से पूरे देश में आज लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध किया जा रहा है यदि जीएसटी में बदलाव नहीं किये जाते है तो बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार होने लगेंगे ।आयोजित पत्रकार परिषद में एसोशिएशन के पदाधिकारी अशोक पांडे ,एस वी देशमुख तथा अन्य कई लोग मौजूद थे  ।

TheWestern Volunteer

leave a comment

Create Account



Log In Your Account