वसई विरार महानगरपालिका के भ्रष्ट अधिकारियों पर जल्द हो कार्यवाई : भाजपा 

वसई विरार महानगरपालिका के भ्रष्ट अधिकारियों पर जल्द हो कार्यवाई : भाजपा 

वसई विरार महानगरपालिका के भ्रष्ट अधिकारियों पर जल्द हो कार्यवाई : भाजपा 

 विरार :- वसई-विरार शहर महानगर पालिका की ओर अनधिकृत बांधकाम, ठेकेदार, और उनको संरक्षण देने वाले पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों पर मनपा आयुक्त को लिखित रूप से पत्र देकर उचित कार्रवाई मांग की गयी है| भाजपा के वसई-विरार शहर जिला उपाध्यक्ष ने पत्र में क्षेत्र के अवैध भवन निर्माताओं द्वारा सामान्य नागरिकों से ठगी के मामले में राजनीती और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित नागरिकों द्वारा शिकायत किया जाता आ रहा है| उन्होंने कहा की पालिका के जूनियर अधिकारी व कर्मचारियों से कई बार आयुक्त की ओर से जानकारी और वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई करने का आदेश भी दिया जाता है,लेकिन इन अधिकारियों द्वारा अवैध भवन माफियाओं और भ्रष्ट ठेकेदारों के हित को ध्यान रखते हुए सिर्फ दिखावे के रूप में कार्रवाई की जाती है| जिला उपाध्यक्ष ने पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि मनपा का यह भ्रष्ट तंत्र इन माफियाओं को बचाने के लिए अपनी पूरी शक्ती लगा देते है| और शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को नहीं सुनते दिखाई देते हैं| उक्त मामले को लेकर उन्होंने मनपा आयुक्त को पत्र के माध्यम से इन अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है|

ज्ञात हो कि मनपा आयुक्त सतीश लोखंडे द्वारा क्षेत्र के निर्माणों की जानकारी के लिए मुख्यालय में एक अलग विडों की व्यवस्था किया गया है| ताकि सामान्य नागरिक इनके जाल में नहीं फंस सके| मनपा के इस विंडों से निर्माण संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराने की भी बात कही गयी है| इसके बावजूद भी अवैध निर्माणकर्ताओं, ठेकेदार सहित पालिका के अधिकारी व कर्मचारियों की ओर से नागरिकों को पूरी जानकारी नहीं दी जाती है| भाजपा के वसई-विरार शहर जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटिल ने कहा कि मनपा भ्रष्ट तंत्र इन माफियाओं को पूरी तरह से संरक्षण देता दिखाई दे रहा है| उन्होंने आयुक्त की ओर से मनपा वकीलों के पैनल को बदलने का स्वागत पूर्ण निर्णय है,लेकिन महासभा में मंजूरी मिलने के ४ माह बाद भी आज तक उक्त विषय की सूचना प्रकाशित नहीं की गयी| पालिका क्षेत्र के अवैध निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध नगर रचना विभाग में अवैध निर्माणों को लेकर कार्रवाई के साथ ही आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत के ३-४ माह बाद कार्रवाई को लेकर टालमटाल का रवैया अपना रही है| पालिका की ओर से कई अवैध निर्माणों के मामले में ३ वर्ष बाद न्यायालय के स्थगन के कारण कोई कार्रवाई नहीं करने का बहाना बनाया जाता है और स्थगन आदेश की कॉपी भी नहीं दी जाती है| पाटिल ने कहा की पालिका की ओर ठेकेदार के खिलाफ शिकायत में ठेकेदार के अधिकारों के बारे में  संबंधित जानकारी अधिकारियों द्वारा रहस्यमय तरीके से दी जाती है, जिस पर उसके  आधार पर साक्ष्य देने और आयुक्त को आदेश देने के बजाय ठेकेदार का भुगतान किया जाता है। जनप्रतिनिधियों की ओर से अनधिकृत बांधकाम की लिखित शिकायत और सबूत देने के बाद पालिका की ओर से संबंधित कार्रवाई नहीं जाती है| मनोज पाटिल ने कहा कि इस तरह से पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार से “सामान्य नागरिकों की भावना अधिक प्रभावी हो रही है क्योंकि यहा सभी प्रकार के अपराधियों को समर्थन देने और ट्रिब्यूनल को हराने के लिए किया जा रहा है। वही पालिका की ओर से अवैध निर्माण माफिया और भ्रष्ट ठेकेदार के पीछे काम कर रहे हैं| पाटिल ने पत्र देकर आयुक्त से अनुरोध किया है कि वे इस तरह के कार्य को रोकने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है| मनपा आयुक्त ने भाजपा जिलाउपाध्यक्ष को पालिका गतिविधियों और शिकायतों पर गौर करने की बात कही है|

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