पश्चिमी देशों ने रूसी खुफिया एजेंसी पर साइबर हमलों का आरोप लगाया

लंदन: पश्चिमी देशों ने गुरुवार को नए साक्ष्य के साथ हाल के वर्षों में हुए साइबर हमलों के लिए रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि रूस कहीं भी किसी भी व्यक्ति को अपना निशाना बना सकता है जो डोपिंग, जहर का प्रयोग करने और एक विमान को नीचे गिराने समेत विभिन्न अपराधों में उसकी संलिप्तता की जांच करता है।

रूस ने हालांकि इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पूर्वी और पश्चिमी देशों के बीच वर्षों से चली आ रहे संबंधों में सर्वाधिक तनाव वाले दिनों में इन असाधारण खुलासों से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है। रूस ने उल्टा पलटवार किया कि पेंटागन एक गुप्त अमेरिकी जैविक हथियार कार्यक्रम चलाता है जिसमें जहरीले मच्छर, टिक (एक प्रकार का जहरीला कीड़ा) और बहुत कुछ शामिल है।

गुरुवार को हुये घटनाक्रम का केंद्र रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी जीआरयू था, जो विदेशों में रूसी हस्तक्षेप को विस्तार करने की फिराक में रहता है।

पिछले 24 घंटों का घटनाक्रम इस प्रकार है- अमेरिकी अधिकारियों ने जीआरयू के सात अधिकारियों पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के हैकिंग का आरोप लगाया; ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने जीआरयू पर 2017 में यूक्रेन पर एक विनाशकारी साइबर हमला करने, 2016 अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने वाली ईमेल लीक कराने और खतरनाक हैकिंग से संबंधित अन्य घटनाओं को लेकर आरोप लगाया; और डच अधिकारियों ने आरोप लगाया कि जीआरयू के एजेंटों ने दुनिया के रासायनिक हथियारों की निगरानी करने वाली संस्था ‘ऑर्गेनाइजेशन फॉर द प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वीपन्स’ को हैक करने की कोशिश की और वे उसमें विफल रहे।

गुरुवार को सबसे आश्चर्यजनक गतिविधि सामने आयी, जिसमें एक कार के ट्रंक में हैकिंग उपकरण रखने और शारीरिक और आभासी संकेतों का निशान शामिल करने का प्रयास किया गया – वास्तव में, यह ऐसा लग रहा था कि रूसियों को पकड़े जाने की कोई परवाह नहीं थी।

ब्रसेल्स में नाटो के सहयोगी देशों के साथ बैठक करने वाले अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि असल में, ये करने वाले रूसी लोग अपने उपकरण के साथ पकड़े गये और उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।’

मैटिस ने कहा कि पश्चिमी देशों के पास इस हरकत का व्यापक जवाब उपलब्ध है।

नीदरलैंड में ब्रिटेन के राजदूत पीटर विल्सन ने कहा कि जीआरयू को अब और छूट नहीं दी जाएगी।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री गेविन विलियमसन ने रूस को एक ‘‘घटिया देश’’ करार देते हुए कहा, ‘‘ रूस एक मूर्खतापूर्ण और घटिया तरीके से काम करता है, जो उसने इन साइबर हमले के मामले में किया है, हम उन्हें उजागर करके रहेंगे।’’

यूरोपीय संघ और अमेरिका ने पहले से ही रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं।

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