डहाणू-पनवेल मेमू गाड़ी उमरोली स्टेशन पर नहीं रूकने से यात्रियों में आक्रोश

डहाणू-पनवेल मेमू गाड़ी उमरोली स्टेशन पर नहीं रूकने से यात्रियों में आक्रोश

डहाणू-पनवेल मेमू गाड़ी उमरोली स्टेशन पर नहीं रूकने से यात्रियों में आक्रोश

पश्चिम रेलवे ने दिया जांच का आदेश

आशु विश्वकर्मा / वसई :- डहाणू रेलवे स्टेशन से पनवेल जाने वाली मेमू गाड़ी सोमवार की सुबह उमरोली स्टेशन नहीं रुकी, जिसके कारण सुबह उमरोली स्टेशन पर गाड़ी का इंतजार करते सैकड़ों यात्रियों आक्रोशित व दुखी हुये| विभाग की लापरवाही से दुखी यात्रियों ने डहाणू-अँधेरी लोकल को रोका गया| इसके बाद आक्रोशित यात्रियों ने सड़क पर भी उग्र प्रदर्शन किया | पश्चिम रेलवे ने इस घटना की जांच का भी आदेश दिया है|

ज्ञात हो कि सोमवार सुबह ५.३० बजे से डहाणू-पनवेल जाने के लिए डहाणू-पनवेल मेमू(६९१६४) को छोड़ा गया| उमरोली स्टेशन पर मेमू गाड़ी ५.५५ मिनट पर आने का समय है| पनवेल और सेंट्रल रेलवे सहित सीएसटी स्टेशन जाने  सैकड़ों यात्री मेमू का इंतजार करते उमरोली स्टेशन पर खड़े हुए, लेकिन डहाणू-पनवेल मेमू उमरोली स्टेशन रोकी नहीं गयी, जबकि रेलवे स्टेशन पर लगे इंडिकेटर और गाड़ी के नहीं स्टॉप के कारण परेशान हो गए| गाड़ी में यात्रा करने वाले यात्रियों द्वारा चेनपुलिंग की गयी और मोटर मैन बिपिन पटेल द्वारा हैंडब्रेक भी लगाकर रुकने की कोशिश की गयी, जिसके कारण गाड़ी आधा किमी प्लेटफॉर्म से दूर जाकर रुकी| सुबह ठंडी व कुहरे के कारण अँधेरा होने से आधा किमी दूर खड़ी गाड़ी को पकड़ने के लिए कोई भी यात्री नहीं गया| डहाणू से पनवेल जाने के लिए अगली गाड़ी ८.३० बजे की होने के कारण यात्रि आक्रोशित और दुखी हुए| इनके द्वारा उमरोली स्टेशन पर आयी डहाणू-लोकल का विरोध किया गया| कई यात्री काम पर नहीं जा सके| स्कुल और कॉलेज की विद्यार्थियों द्वारा बिना कारण ही छुट्टी करनी पड़ी| प्लेटफॉर्म पर एकत्रित आक्रोशित यात्रियों द्वारा सुबह १०.०० बजे पालघर रेलवे स्टेशन पर इकट्ठे हुए| आक्रोशित व दुखी डहाणू वैतरणा प्रवासी सेवाभावी संस्था के अध्यक्ष महेश पाटिल द्वारा रेलवे विभाग से मोटर मैन पर कार्रवाई करने की मांग की गयी है| वही पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने कहा कि मामले की पूरी छानबीन कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी| उमरोली रेलवे स्टेशन तीसरा स्टेशन है| इस स्टेशन से प्रति माह ४४ हजार उपनगरीय टैक्सी प्राप्त होती है। अभी इस स्टेशन को “सी श्रेणी” की स्थिति नहीं मिली हुई है, जिसके कारण उक्त स्टेशन पर रेलवे स्टेशन मास्टर कार्यालय नहीं है, जबकी स्टेशन मास्टर का कार्यालय ट्रेन स्टेशन के नियंत्रण में है| स्टेशन मास्टर कार्यालय के पैनल से सिग्नल और ट्रेन के प्रस्थान के समय स्टार्ट-अप संकेत दिया जाता है। प्रवासी संघटना के प्रथमेश प्रभु तेंडोलकर ने कहा कि उमरोली स्टेशन में एक स्वचालित पैनल (स्वचालित ब्लॉग सिस्टम) होने की भ्रम की स्थिति में यात्रियों को काफी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है|

TheWestern Volunteer

leave a comment

Create Account



Log In Your Account