प्राकृति के सौंदर्य में हरियाली से भरपूर पर्यटन में पिछड़ रहा है वसई तालुका

विदेशों की तरह वसई तालुका में समुंद्री किनारों झीलों वा तालाबो वा नालो को विकसित कर बोटिंग वा मोटर बोटिंग की सुरुवात कर पर्यटन को दिया जा सकता है बढ़ावा

राजनीतिक वा प्रसाशनिक इच्छा शक्ति ना होने के कारण पर्यटन में पिछड़ रहा है हरियाली से भरपूर तालुका

वसई (कमर बेग): मुम्बई से कुछ किलोमीटर की ही दूरी पर बसा एक ऐसा शहर जिस का ग्रामीण भाग प्राकृति के सौदर्य में हरियाली से भरपूर है वसई तालुका एक ऐसा तालुका जो अपने आप मे इतिहास को समेटे हुए हैं अंग्रेजो से लेकर पुर्तगालियों तक का इतिहास यंहा देखने को मिल जाता है चिमाजी अप्पा का भी इतिहास इसी तालुका से है ।

गौतम बुद्ध की साधना स्थली भी यंही पर है जंहा गौतम बुद्ध ने साधना की थी। यह एक ऐसा तालुका है जो पहाड़ो वा हरियाली से भरपूर है इस के समुंद्री किनारे अरब सागर से मिलते हैं ।यंहा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में वसई का किला जो ऐतिहासिक धरोहर भी है इसी के साथ सोपारा में गौतम बुद्ध की साधना स्थली भी है वह भी ऐतिहासिक धरोहर में शामिल है इसी के साथ वसई बीच ,कलम्ब बीच और अर्नाला बीच भी है ।

वसई तालुका एक ऐसा तालुका है जंहा की हरियाली देख कर कोई भी मंत्र मुग्द हो जाये । यही कारण है कि यंहा की आबोहवा लोगो को यंहा खींच लाती है इसी के साथ यंहा के ग्रामीण भाग के तालाब वा झील भी एक सुंदर दृश्य बनाती है । लेकिन अफसोस अब इस शहर को कंक्रीट के बदलते शहर में बदलने की होड़ मची हुई है प्राकृतिक सौंदर्य को ग्रहण जैसे लगता हुआ दिखाई पड़ रहा है ।

समुंद्री किनारे बिना सुरक्षा रक्षको के सहारे दिखाई पड़ते हैं गंदगी वा कचरा हर तरफ फैला हुआ दिखाई पड़ता है । फिलहाल हम बात कर रहे हैं यंहा के तालाब वा झील के साथ नालो को विकसित करने की जिस पर अब तक कोई भी काम होता हुआ नही दिखाई देता है । वा इन पर अतिक्रमण होता हुआ भी दिखाई देता है झीलों में वा तालाबो में कचरा और गंदगी देखी जा सकती है ।

जब कि इस के आस पास बाउंड्री कर गार्डनिंग की जानी चाहिए थी । विदेशों में बड़े बड़े नालो के किनारे बाउंड्री कर कर वंहा गार्डनिंग कर नालो को साफ कर बोटिंग की जाती है झीलों को भी विकसित कर उस मे बोटिंग वा मोटर बोटिंग की जाती है इसी के साथ समुंद्री किनारों को भी विकसित कर कई तरह के मनोरंजन कार्य के साथ मोटर बोटिंग भी की जाती है ।

कई और तरह से भी पर्यटन के लिए इन जगहों को विकसित करने पर जोर दिया जाता है । (यह विदेशी अनुभव वयक्तिगत तौर पर ना जा कर मीडिया के अन्य माध्यमो के ज़रिए देख सुन और पढ़ कर लिखा जा रहा है ) वसई तालुका के नेतागण वा अधिकारी गण विदेश घूमने तो जाते है । (निजी टूर पर आधिकारिक विदेशी अभ्यास टूर जो यंहा की स्थानीय प्रसाशन का आज तक नही हुआ है ) लेकिन अफसोस वंहा का देख कर भी वैसे ही यंहा तालुका के झीलों तालाबो वा नालो को विकसित करने की दिशा में कोई काम करते हुए अब तक नही दिखे हैं इन जगहों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया जा रहा है जिसे रोकना बेहद ज़रूरी है ताकि इस कि सुंदरता बनी रहे ।

सब से बड़ी बात राजनीतिक वा प्रसाशनिक इच्छा शक्ति की भी भारी कमी है । जब कि अगर इन सब जगहों को अच्छे से विकसित किया जाता है तो यंहा के पर्यटन से तालुका की रौनक और हरियाली भी बनी रहेगी और यंहा के स्थानीय लोगो को पर्यटन से रोजगार भी खूब मिलेगा ।