नालासोपारा में ४ दिवसीय प्रभागीय शालेय कला क्रीड़ा का समापन

४ दिवसीय कला क्रीड़ा का हुआ धूमधाम से हुआ समापन

स्कूली बच्चो ने बढ़ चढ़ कर लिया भाग लेकिन मनपा की व्यवस्ता और खर्च पर उठ रहे है सवाल

समापन कार्यक्रम में पत्रकारों की हुई घोर उपेक्षा

नालासोपारा । नालासोपारा में ४ दिवसीय प्रभागीय शालेय कला क्रीड़ा का समापन कार्यक्रम धूमधाम से सम्पन हुआ जिस में कई गणमान्य लोग उपस्तिथ हुए ।

समापन कार्यक्रम में विजेता हुए बच्चो को इनाम दिया गया । शालेय कला क्रीड़ा में आउट डोर गेम में खोखो कबड्डी ,दौड़ लंगड़ी जैसे विभिन्न खेलो का आयोजन किया गया जिस में लड़कियों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया स्कूली बच्चो का उत्साह देखने को मिला ।

क्रीड़ा में कई बच्चे चोटिल भी हुए थे जिस में आरोग्य विभाग की सिर्फ एक डॉक्टर ही इन्हें देख पा रही थी जब कि एम्बुलेंस की व्यवस्ता की जानी चाहिए थी डॉक्टरों की टीम को बैठाया जाना चाहिए था जो कि रखे ही नही गए थे । इस के अलावा जो मुख्य मामला था उस मे खेल प्रतियोगिता में भाग ले रहे बच्चो को बिस्किट चॉकलेट और पानी बराबर नही मिल पाया जिस की शिकायत खुद स्कूली बच्चो ने बताई ।

५० लाख के खर्च पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं आउटडोर गेम में लकड़ी बल्ले पर चुने पर या मंडप पर और कला में जंहा स्टेज पहले से ही बना हुआ था वंहा क्या सिर्फ सजावट पर ही ५० लाख खर्च कर दिए गए जब कि सब से ज़रूरी यह था कि जिन बच्चो के लिए इस का आयोजन किया जाता है उन्हें ही बराबर चॉकलेट ,बिस्किट या पानी और डॉक्टरों की भी सुविधा बराबर नही मिल पायी थी जब कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभापति किशोर पाटिल ने एक अलग कर्मचारी को बच्चो को खान पान देने की व्यवस्ता की बात कही थी ।

कला क्रीड़ा की विशेष कवरेज कर रहे पत्रकारों की घोर उपेक्षा समापन कार्यक्रम में देखने को मिली जंहा उनका नाम या जिक्र तक नही लिया गया जब कि प्रसिद्धि देने की मांग आयोजनकर्ता करते आ रहे थे जिस पर सभी पत्रकारों ने कला क्रीड़ा की पूरी कवरेज की भी लेकिन अफसोस प्रसिद्धि देने वाले पत्रकारों की घोर उपेक्षा समापन पर कर उनका अपमान करते आयोजनकर्ता दिखाई दिए ।