ग्राम पंचायत में शौचालय घोटाला

ग्राम पंचायत में शौचालय घोटाला

ग्राम पंचायत में शौचालय घोटाला

सरपंच ने की जिलाधिकारी से जांच की मांग  

वसई  (आशु विश्वकर्मा) :- अर्नाला किला ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और उप सरपंच पर शौचायल घोटाला करने का गंभीर आरोप वर्तमान सरपंच द्वारा लगाया गया है| अयोग्य होने के बाद भी इनके द्वारा बोगस कंपनी बनाकर पैसे निकाले गए थे| उक्त मामले की जांच के लिए सरपंच ने जिलाअधिकारी पत्र देकर मांग की गयी है, जबकि पूर्व सरपंच की ओर लगाए आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया गया है|

ज्ञात हो कि विरार पश्चिम स्थित अर्नाला किला ग्राम पंचायत के सरपंच भारती वैती और उप सरपंच विजय मेहेर पर शौचालय घोटाला मामले में न्यायालय की ओर से २७ नवंबर २०१७ को दोनों को सेवा से निलंबित किया गया था| इसके बावजूद सरपंच और ग्रामसेवक टी एस माने की मिलीभगत से विभिन्न कार्यों के लिए लाखों रूपये की निकासी करने का आरोप वर्तमान सरपंच चंद्रकांत मेहेर द्वारा किया गया है| मेहेर ने कहा कि सरपंच और उपसरपंच को निलंबित किया गया था| नए चुनाव के आचार संहिता लागू थी| आचार संहिता और आयोग्य होने के २७ दिसंबर से १८ जनवरी के बीच उक्त पैसे इनके द्वारा निकाले गए| इसके अलावा सरपंच पद पर रहते हुए इनके द्वारा बोगस कंपनी बनाकर लाखों रुपये का बिल को पास कराया गया है| मेहेर की ओर से इनकी जांच की लिए जिलाधिकारी से मांग की गयी है| उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा सरपंच पद ग्रहण करने के बाद उक्त घोटाले से पर्दाफाश हुआ है| पूर्व सरपंच और उप सरपंच की ओर से चेक और नगदी राशी को पति के नाम से बोगस कंपनी बनाकर निकाला गया| यही नहीं घरपट्टी का बिल भी इनके द्वारा नहीं भरा गया है| संपूर्ण घोटाले की छानबीन करने के लिए मेहेर ने जिलाधिकारी और मुख्याधिकारी को पत्र देकर मांग की है| वही दूसरी ओर पूर्व सरपंच भारती वैती की ओर से अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा करार दिया है| उन्होंने कहा कि निलंबन को स्थगित करने का आदेश ग्राम विकास मंत्री की ओर से दिया गया है,लेकिन उच्च न्यायालय की ओर अयोग्य साबित किया गया है| ९ फरवरी तक का समय दिया गया था| वैती ने कहा इस बीच कई विकास के कार्य लंबित थे| उनके बिल देना आवश्यक था, जिसके लिए ग्राम सेवक के हस्ताक्षर और अनुमती से पैसे निकाले गए| उन्होंने स्पष्ट किया कि पैसे निकाले गए न की घोटाला किया गया है। बोगस कंपनी के आरोप को भी झूठा बताया,जबकि छोटे कामो को स्थानिक लोगों को देने और दूसरी कंपनी के नाम का बिल देने की बात को स्वीकार किया|

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