जबकि सच्चाई उन्हें भी पता होती है।

जबकि सच्चाई उन्हें भी पता होती है।

जबकि सच्चाई उन्हें भी पता होती है।

इस देश की बिडम्बना है यह एविडेंस की कमी का रोना रोकर हत्यारे बाइज्ज़त बरी हो जाते हैं। इसका यह अर्थ नहीं कि हत्या हुई ही नहीं। सभी जानते हैं और कई तो प्रत्यक्षदर्शी भी बाद में अपनी जानमाल की रक्षा के लिए कोर्ट में अपने पहले के दिए सबूतों/बयानों से इनकार कर जाते हैं। मरने वाला तो गया जो बजा उसको बचाना होता है, क्योंकि स्थानीय पुलिस प्रशासन और सत्ता आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की मददगार होती है। और जो लोग अड़ जाते हैं उनकी परेशानियों को कभी अनुभव करिए। मैं ऐसे सैकड़ों सबूत इसी मंच पर दे सकता हूं। कितनी बार जज साहब को कहते सुना जा सकता है सबूतों के अभाव में बरी किया जा रहा है। जबकि सच्चाई उन्हें भी पता होती है।

laksh solution

Related Posts

leave a comment

Create Account



Log In Your Account