डॉक्टर बन सोनारों से ठगी करने वाला गिरफ्तार आभूषण खरीदने के बहाने करता था ठगी

डॉक्टर बन सोनारों से ठगी करने वाला गिरफ्तार आभूषण खरीदने के बहाने करता था ठगी

डॉक्टर बन सोनारों से ठगी करने वाला गिरफ्तार आभूषण खरीदने के बहाने करता था ठगी

आशु विश्वकर्मा / वसई : माणिकपुर पुलिस स्टेशन अंतर्गत अग्रवाल टाउनशिप के एक ज्वैलर्स शॉप में बोगस ग्राहक द्वारा आभूषण खरीदने के बहाने और नालासोपारा श्री कोठारी ज्वेलर्स से ठगी करने वाला शातिर ठग आखिकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया।आरोपी फर्जी डॉक्टर से 5,21,000 के आभूषण बरामद किया गया है। आरोपी किडनी की बीमारी से त्रस्त है और उसकी पत्नी को ब्रेनट्रुमर की बीमारी से पीड़ित है। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर आगे छानबीन में जुटी।

 

ज्ञात हो कि वसई पश्चिम के साई नगर,जयअंबे भवन,रूम नं 204  ने रहने वाले अशोक नाथुलाल धाकड़ (50) वर्षीय अपने परिवार के साथ रहता है। और सोने चाँदी की विशाल ज्वैलर्स नामक शॉप है। अग्रवाल टाउनशिप,शॉप नं 10,रिजेन्सी अपार्टमेन्ट,मेगडोनल्डस के पिछे, वसई पश्चिम स्थित है।21 फरवरी 2018 के बुधवार की सुबह 11 बजे के आसपास आरोपी (बोगस ग्राहक) द्वारा तीन जेन्स ब्रासलेट,तीन लेडीज हार, एक लेडीज ब्रासलेट,एक लेडीज कड़ा,खरीदने के बाद व्यपारी को गुमराह कर फरार हो गया था। इस मामले की शिकायत अशोक धाकड़  द्वारा अज्ञात ठग के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। 2,90,000 की ठगी करने की बात पुलिस को बताई है। दूसरी घटना नालासोपारा पूर्व के शिव आशिष बिल्डिंग डी/रूम नं 16,आचोले रोड ने रहने वाले निशांत प्रकाशचंद्र कोठारी (30) वर्षीय,मूल गाँव राजस्थान के जिला उदयपुर,कड़िया निवासी है। निशांत कोठरी के साथ 14 फरवरी 2018 को दोपहर 12 बजे के आसपास (आरोपी) डॉ.कविश कुमार अग्रवाल द्वारा तकरीबन1,72000 के आभूषण खरीदने के बहाने धोखाधड़ी की गयी थी। निशांत प्रकाशचंद्र कोठारी द्वारा मामले की शिकायत तुलिंज पुलिस स्टेशन में की गयी। आये दिन एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा आभूषण खरीदने के बहाने व्यपारियो से धोखाधड़ी करने की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए पालघर जिले के पुलिस अधिक्षक मंजुनाथ सिंगे व अप्पर पुलिस अधिक्षक राज तिलक,उप विभाग पुलिस अधिकारी विकास तोटावार द्वारा जल्द से जल्द फरार आरोपी की तलाश करने के आदेश जारी किया। माणिकपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दामोदर बांदेकर के नेतृत्व में सहा.पुलिस निरीक्षक सुनिल जाधव,उप पुलिस निरीक्षक प्रशांत देसाई और सहा.उप पुलिस निरीक्षक बी.एस.बांदल आदि टीम द्वारा अलग- अलग पहलुओं में जाँच पड़ताल की व दोनो ज्वेलर्स से मिले सीसी फुटेज के आधार पर फरार आरोपी की पहचान और रहने की जानकारी हासिल की गयी। आरोपी को एक टैम्पो वाले के मोबाईल नंबर से आरोपी का सही पता पुलिस टीम को मिला। आरोपी ग्लोबल सिटी जे /36 विरार पश्चिम से गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी से तकरीबन 170 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किया है। आरोपी के ऊपर माणिकपुर पुलिस स्टेशन,वालीव पुलिस स्टेशन और तुलिंज पुलिस स्टेशन में मामले दर्ज है।

शातिर अपराधी कैसे बना फर्जी डॉक्टर : डॉ.कविश कुमार अग्रवाल मूल मध्यप्रदेश का रहने वाला है। कविश को बचपन से एक किडनी पर जिंदगी जीने पर मजबूर है। साथ ही शादी के कुछ साल बाद पत्नी को ब्रेनट्रुमर की बीमारी से ग्रस्त हुई। दोनो पति – पत्नी का इलाज के लिए हर महीने लगभग 25 हजार से अधिक का खर्चा था। और आमदनी न के बराबर थी। इसलिए फर्जी डॉक्टर बनकर लोगो पहचान बनाकर उनको ठगी का शिकार बनाता था।  फिलहाल पुलिस द्वारा आरोपी के ऊपर धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर आगे छानबीन में जुटी । मामले की छानबीन सहा पुलिस निरीक्षक सुनिल जाधव द्वारा की जा रही है।

TheWestern Volunteer

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