राजमार्गों की दूसरे चरण की बोली से एन.एच.ए.आई. को 10,000 करोड़ रुपये मिलेंगे: गडकरी

मुंबई: टोल-ऑपरेटर-ट्रांसफर (टोओटी) प्रारूप के तहत राजमार्ग परियोजनाओं के पहले चरण की नीलामी से उत्साहित मंत्रालय अब दूसरे चरण की तैयारी में जुटा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दूसरे चरण की बोली से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।

               भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), टोल टैक्स वसूली और परिचालन के बाद उसे वापस करने (टीओटी) के मॉडल पर राजमार्गों की नीलामी कर रही है। वह पहले चरण में कुल नौ राजमार्ग परियोजनाओं की नीलाम कर चुका है जिसमें उसे बाजार से अच्छा समर्थन मिला है और उसने 9,681 करोड़ रुपये जुटाये थे।

गडकरी ने संवाददाताओं से कहा, “हम उम्मीद है कि दूसरे चरण को पहले की तरह ही समर्थन मिलेगा। मुझे व्यक्तिगत रूप से इससे 10,000 करोड़ रुपये एकत्र होने की उम्मीद है, जो कि पहले चरण से जुटाई गयी राशि से अधिक है।”

               केंद्रीय मंत्री मंत्रालय और एनएचएआई की ओर से यहां आयोजित एक रोड शो में भाग लेने के लिये आये थे। मंत्रालय ने 586 किलोमीटर की राजमार्ग परियोजनाओं के दूसरे चरण के लिये निवेशकों के लिये यह कार्यक्रम आयोजित किया था।
गडकरी ने कहा, “हमने पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त दृष्टिकोण अपनाया है। हम निवेशकों को सभी तरह की सुरक्षा एवं समर्थन देना जारी रखेगा खासकर टोल वसूली से जुड़े मामलों में। घरेलू और विदेशी निवेशक सड़क एवं बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश करने की इच्छा जता रहे हैं। हम उनके भरोसे एवं निवेश की रक्षा के लिये हर चीज करेंगे।”

दूसरे चरण की बोली में राजस्थान, गुजरात बिहार और पश्चिम बंगाल के राजमार्ग शामिल हैं। इनकी कुल लंबाई 586.552 किलोमीटर है और इन मार्गों पर 12 टोल प्लाजा हैं।

टीओटी के तहत राजमार्ग के निर्माण और परिचालन का ठेका लेने वाली कंपनियों को 30 साल तक वाहनों से पथ-कर वसूलने का अधिकार होता है। नीलाम की गयी पहली नौ परियोजनाओं के समूह में आंध्र प्रदेश और गुजरात की कुल 681 किलो मीटर के सड़क खंड पेश किए गए थे। इनका ठेका आस्ट्रेलिया की कंपनी मैक्योरी को मिला।